पारद के प्रकार ( HOW MANY TYPES OF THE MERCURY )
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| unsplash.com|Image by Tabitha turner |
पारद पांच प्रकार का होता है और उनके क्या क्या गुण होते हें, आगे इसी विषय पर चर्चा होगी -
उनके नाम हैं -१ रस , २ रसेन्द्र , ३ सूत , ४ पारद , ५ मिश्रक
२ रसेन्द्र :- रसेंद्र पारद का स्वभाव से ही निर्दोष, श्याव ( काला पीला ), रूखा और अत्यंत निर्मल होता है, उसी पारद भक्षण से नाग्लेग भुढापा और मृत्यु से छूट गए हैं। इस पारद को खाकर मनुष्य अजर अमर न हो जाएँ, इस कारण इसीलिए कुछ ही पारद के प्रकार (HOW MANY TYPES OF THE MERCURY) बताये गए हैं।
३ सूत पारद :- सूतनाम का पारद पीला, रूखा दोषों से मिला हुआ होता है जब कि सूतनाम का पारद १८ संस्कारों से सिद्ध होता है तब देह को लोहे के सामान बना देता है।
४ पारद :- यह पारद सफेद रंग का होता है और अनेक प्रकार के प्रयोगों से समस्त रोगों का नाश करता है।
५ मिश्रक पारद :- मिश्रक नाम का पारद मोर पंख की सी रंगत का और रसदार होता है। वह भी १८ संस्कारों से सिद्ध किया अनेक सिद्धियों को देता है। तो इस तरह से पारद के प्रकार ( HOW MANY TYPES OF THE MERCURY ) according to the ayurveda बताये गए हैं।
तीन प्रकार के पारदों की उत्तमता
अनेक प्रकार की सीधी के देनेवाले तीनों सूतादिक ( सूत, पारद, मिश्रक ) अपने अपने कर्मों से सिद्ध किये हुए अत्यंत शक्तिवाले हो जाते हैं, जो इस रसोत्पत्ति को जनता है वह धर्मायु आरोग्य, संतान और रससिद्धि को प्राप्त होता है।
जो सारी धातुओं को खा जाता उस पारद को रस कहतें हैं। और जो पारद बुढ़ापा रोगों मृत्यु के नाश लिए चखा जाता है उस पारद भी रस ही कहा गया है, इस तरह से पारद के प्रकार ( HOW MANY TYPES OF THE MERCURY ) , शेष अगले भाग मैं --



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